ड्रग नेटवर्क पर झारखंड हाई कोर्ट सख्त, बड़े तस्करों और फंडिंग चैन पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश

ड्रग नेटवर्क पर झारखंड हाई कोर्ट सख्त, बड़े तस्करों और फंडिंग चैन पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 06, 2026, 3:20:00 PM

झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान के तहत सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश एस. एम. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान झारखंड सीआईडी ने अदालत के समक्ष ड्रग तस्करी पर नियंत्रण के लिए दो अलग-अलग मानक कार्यप्रणालियां (एसओपी) प्रस्तुत कीं। इन प्रस्तावित प्रक्रियाओं का उद्देश्य अवैध कारोबार की रोकथाम और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन एसओपी को जल्द लागू कर उनकी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।

खंडपीठ ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआईडी और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया। अदालत का मानना है कि आपसी समन्वय से ही इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों—विशेषकर स्कूलों और कॉलेजों—में जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने की आवश्यकता भी बताई गई।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। ड्रग तस्करी के बड़े गिरोहों और उनके आर्थिक स्रोतों तक पहुंच बनाना जरूरी है। खंडपीठ ने चिंता जताई कि एनडीपीएस कानून के तहत कई मामले दर्ज होने के बावजूद अब तक मुख्य सरगनाओं तक पहुंच नहीं बन पाई है।

अदालत ने कहा कि जब तक इस अवैध कारोबार के पीछे काम कर रहे प्रमुख लोगों और उनकी फंडिंग व्यवस्था पर चोट नहीं की जाएगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल होगा। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया।