झारखंड को मिला वैश्विक सम्मान, लेकिन बाबूलाल मरांडी को रास नहीं आ रही राज्य की तरक्की : आलोक दूबे

झारखंड को मिला वैश्विक सम्मान, लेकिन बाबूलाल मरांडी को रास नहीं आ रही राज्य की तरक्की : आलोक दूबे

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 25, 2026, 6:59:00 PM

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने दावोस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन को मिले व्हाइट बैज सम्मान को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि झारखंड अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भरोसे और सम्मान के साथ देखा जा रहा है।

आलोक दुबे ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस केवल किसी मंच पर मौजूद रहने का प्रतीक नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त करने का अवसर है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संविधान की मूल भावना के अनुरूप राज्य के विकास को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर सकारात्मक विषय को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश कर रही है। चाहे दावोस में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान हो या गणतंत्र दिवस का आयोजन—हर मुद्दे पर सरकार की छवि धूमिल करना ही उसका उद्देश्य बन गया है। दुबे ने कहा कि भाजपा को न तो राज्य की प्रतिष्ठा की चिंता है और न ही जनता की भावनाओं की।

कांग्रेस महासचिव का कहना था कि बाबूलाल मरांडी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि झारखंड अब प्रगति के रास्ते पर है। राज्य को मिल रही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान ने उन्हें राजनीतिक रूप से असहज कर दिया है, इसी वजह से वे हर सकारात्मक पहल पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

उन्होंने दो टूक कहा कि यदि बाबूलाल मरांडी वास्तव में झारखंड का विकास चाहते, तो दावोस जैसे वैश्विक मंच पर राज्य के हित में हो रहे प्रयासों का समर्थन करते। इसके बजाय वे उन कोशिशों का उपहास कर रहे हैं। दुबे के अनुसार भाजपा की राजनीति केवल विरोध तक सीमित है, उसे न राज्य की छवि की परवाह है और न ही युवाओं के भविष्य की।

आलोक दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार युवाओं के लिए रोजगार, राज्य के लिए निवेश और भविष्य के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। सतत ऊर्जा, टिकाऊ विकास और विदेशी निवेश जैसे क्षेत्रों में झारखंड लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।

भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उसके शासनकाल में एमओयू पर एमओयू हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर न उद्योग आए और न ही रोजगार बढ़ा। उपलब्धियों के नाम पर केवल प्रेस विज्ञप्तियां और कागजी दावे ही सामने रहे।

उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि भाजपा के समय विकास भाषणों और कल्पनाओं में उड़ता था, जबकि आज जब वास्तविक काम हो रहा है, तो वही लोग सवाल उठा रहे हैं जिन्हें कभी जवाबदेही की आदत नहीं रही।

आलोक दुबे ने दावा किया कि झारखंड की जनता अब सब समझ चुकी है—कौन विकास का रास्ता तैयार कर रहा है और कौन उसमें बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निकाय चुनाव में जनता भाजपा को स्पष्ट संदेश देगी कि नकारात्मक राजनीति के लिए झारखंड में अब कोई जगह नहीं है।

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड आत्मविश्वास, सम्मान और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है, और यही सच्चाई भाजपा और बाबूलाल मरांडी को सबसे अधिक खल रही है।