झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस दोनों ही दल इन सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं, जिससे गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। झामुमो की ओर से केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय के बाद अब विधायक हेमलाल मुर्मू ने भी स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि संगठन इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
दूसरी तरफ कांग्रेस भी राज्यसभा की एक सीट पर अपना अधिकार जताती नजर आ रही है। पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा है कि गठबंधन की राजनीति को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए। वहीं कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए मांग की है कि वरिष्ठ नेता और उनके पिता फुरकान अंसारी को राज्यसभा भेजा जाए।
दरअसल, राज्यसभा की एक सीट दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हो गई है, जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण खाली होने वाली है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि मई या जून के दौरान इन दोनों सीटों के लिए चुनाव कराया जा सकता है। संभावित चुनाव को देखते हुए अभी से गठबंधन के भीतर दावेदारी और बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे झामुमो और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक खींचतान साफ दिखाई देने लगी है।