9वीं फेडरेशन कप वुशु में झारखंड का दबदबा, 45 पदकों के साथ राष्ट्रीय मंच पर रचा इतिहास

9वीं फेडरेशन कप वुशु में झारखंड का दबदबा, 45 पदकों के साथ राष्ट्रीय मंच पर रचा इतिहास

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 01, 2026, 3:25:00 PM

9वीं फेडरेशन कप वुशु चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की खेल प्रतिभा का परचम लहराया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में झारखंड दल ने कुल 45 पदक जीतकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। पदकों में 8 स्वर्ण, 20 रजत और 17 कांस्य शामिल हैं, जिसने वुशु खेल में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में ला खड़ा किया है।

इस चैंपियनशिप की खास बात यह रही कि पहली बार सीनियर वर्ग के साथ-साथ सब-जूनियर और जूनियर खिलाड़ियों को भी प्रतिस्पर्धा का मंच मिला। झारखंड से 72 खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु और भार वर्गों में भाग लिया और शानदार प्रदर्शन के दम पर पदक तालिका में राज्य को मजबूत स्थिति दिलाई। प्लेटोदीप सिंह, तनुश्री और सोमो कुमारी ने दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की और टीम की सफलता में अहम योगदान दिया।

इसके अलावा सोनाली कुमारी और घनश्याम उरांव ने एक-एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रजत पदक जीतने वालों में सोनी मिंज, आकाश उरांव, चंदन कुमार, राकेश टोप्पो, प्राची कुमारी, आशीष कुमार, बसुदेव टोप्पो, सौम्या कुमारी, होलिका कुमारी, कशिश राज, फणिभूषण और प्लेटोदीप सिंह जैसे कई खिलाड़ी शामिल रहे। वहीं कांस्य पदक सूची में रोशनी कुमारी, सोनाली कुमारी, तनुश्री, घनश्याम उरांव सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी दमदार खेल का प्रदर्शन किया।

झारखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. मधुकांत पाठक और झारखंड वुशु संघ के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनके साथ डॉ. कविता सिंह, मिथलेश साहू, डॉ. अंशु साहू, चंचल भट्टाचार्य, कुमुद प्रसाद साहू, सुनील सूर्यात, उदय साहू, प्रियदर्शी अमर, शैलेंद्र कुमार, अनिका सिंह और डॉ. उदीप लाल सहित कई पदाधिकारियों व खेलप्रेमियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

प्रतियोगिता में जेएसएसपीएस के तीन खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। झारखंड टीम के प्रशिक्षक दीपक गोप और मैनेजर शिवेंद्र दुबे की भूमिका को भी सराहा गया। इस शानदार प्रदर्शन से खेल जगत में यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में झारखंड वुशु को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और मजबूती मिलेगी।