वीर सिदो-कान्हू को याद कर भावुक हुआ झारखंड, सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि

वीर सिदो-कान्हू को याद कर भावुक हुआ झारखंड, सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 11, 2026, 3:29:00 PM

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अमर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और संघर्ष को याद किया। राजधानी रांची के सिदो-कान्हू पार्क में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे और माल्यार्पण कर नमन किया।

इस अवसर पर पूरे राज्य में हूल विद्रोह के नायकों को सम्मानपूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिदो-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अन्याय और दमन के खिलाफ जो आंदोलन शुरू किया, वह आज भी समाज को आत्मसम्मान और संघर्ष की राह दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों और पहचान की ऐतिहासिक लड़ाई का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने झारखंड की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने अनेक वीर योद्धाओं को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने यह भी कहा कि यहां के आदिवासी और मूलवासी समुदायों ने उस दौर में भी अपने हक के लिए आवाज उठाई, जब देश में स्वतंत्रता की चेतना व्यापक रूप से विकसित नहीं हुई थी।

उन्होंने सिदो-कान्हू के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने उनकी प्रतिमाओं, जन्मस्थलों और शहादत स्थलों पर एकत्र होकर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के कारण ही देश के लोग आज गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने समाज को एक नई दिशा देने में इन वीर सपूतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उल्लेखनीय है कि सिदो-कान्हू ने संथाल परगना क्षेत्र में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में हुए आंदोलन ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ जनआक्रोश को नई ताकत दी। उनकी जयंती के अवसर पर 11 अप्रैल को राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धा के साथ याद किया।