झारखंड के नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नए संदेश दिए हैं। कई जगहों पर कड़े मुकाबले देखने को मिले, तो कहीं बागी उम्मीदवारों और स्थानीय समीकरणों ने स्थापित दलों की रणनीति को चुनौती दे दी। रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह, चक्रधरपुर, हजारीबाग, रामगढ़ समेत कई शहरों के परिणामों ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
राजधानी रांची में मेयर पद पर भाजपा समर्थित रोशनी खलको ने कांग्रेस समर्थित रमा खलको को 14,363 मतों से पराजित किया। इस चुनाव में दिलचस्प तथ्य यह रहा कि झामुमो समर्थक उम्मीदवार सुजित विजय आपन कुजूर को 19,305 वोट मिले, जो जीत के अंतर से भी अधिक रहे।
वहीं वार्ड संख्या 18 से बड़ा उलटफेर सामने आया, जहां झामुमो की राज्यसभा सांसद महुआ माजी के पुत्र सोमवित माजी को हार का सामना करना पड़ा। यहां आशा देवी लगातार तीसरी बार विजयी घोषित हुईं।
आदित्यपुर नगर निगम में भाजपा समर्थित संजय सरदार ने झामुमो समर्थित भुगलू सोरेन को 7,795 वोटों के अंतर से हराया। सरदार को कुल 24,615 मत प्राप्त हुए।
मेदिनीनगर में भी भाजपा समर्थित अरुणा शंकर ने कांग्रेस प्रत्याशी नम्रता त्रिपाठी को शिकस्त दी। इस सीट पर विपक्षी वोटों के बिखराव का सीधा लाभ भाजपा को मिला। नम्रता त्रिपाठी पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की पुत्री हैं।
मानगो नगर निगम में पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित सुधा गुप्ता ने भाजपा समर्थित संध्या सिंह को 18,601 मतों से हराकर इतिहास रचा। सुधा गुप्ता पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी हैं।
चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला काफी चर्चित रहा। झामुमो समर्थित सन्नी उरांव ने 1,061 वोटों से विजय सिंह गागराई को हराया। सन्नी को 11,331 मत मिले, जबकि गागराई को 10,270 वोट प्राप्त हुए।
अनुप्रिया सोय (कांग्रेस समर्थित) को 2,036 मत मिले। अन्य प्रत्याशियों में विजय सिंह सुम्बरूई को 327 और उत्तम कुमार बालमुचु को 303 वोट मिले।
यह मुकाबला दो विधायकों के परिवारों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था—सन्नी उरांव विधायक सुखराम उरांव के पुत्र हैं, जबकि विजय सिंह गागराई खरसावां के विधायक दशरथ गागराई के छोटे भाई हैं।
गिरिडीह नगर निगम में झामुमो समर्थित प्रमिला मेहरा ने भाजपा समर्थित डॉ. शैलेंद्र कुमार चौधरी को 14,599 मतों से पराजित किया। प्रमिला को 38,091 वोट मिले, जबकि चौधरी 23,493 मतों तक ही पहुंच सके। निर्दलीय अर्जुन बैठा तीसरे स्थान पर रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय विधायक सुदिव्य सोनू की रणनीति ने झामुमो की जीत में अहम भूमिका निभाई।
हजारीबाग नगर निगम में भाजपा के बागी प्रत्याशी और पेशे से पत्रकार अरविंद राणा ने कांग्रेस समर्थित सरफराज अहमद को 4,657 मतों से हराकर मेयर पद पर कब्जा किया। यह परिणाम सबसे पहले घोषित हुआ और राणा की जीत ने भाजपा खेमे में भी उत्साह पैदा किया, भले ही वे आधिकारिक उम्मीदवार नहीं थे।
धनबाद: भाजपा के बागी और पूर्व विधायक संजीव सिंह बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार तीसरे स्थान पर है।
देवघर: झामुमो समर्थित रवि राउत ने भाजपा समर्थित रीता चौरसिया को पराजित किया। यहां भाजपा वोटों के बिखराव का असर दिखा।
चतरा: अताउर रहमान उर्फ बाबू भाई ने 1,492 मतों से अमन यादव को हराया।
चास नगर निगम: मेयर पद पर भोलू पासवान विजयी रहे।
रामगढ़ नगर परिषद: कांग्रेस समर्थित कुसुमलता कुमारी ने 6,492 मतों से जीत दर्ज की। उन्हें 17,605 वोट मिले, जबकि भाजपा समर्थित प्रिया कुमारी को 11,113 मत प्राप्त हुए। आजसू समर्थित रेणु देवी को 9,401 और जेएलकेएम समर्थित अनिता कुमारी को 8,232 वोट मिले।