सोमा मुंडा ह*त्याकांड के विरोध में आज झारखंड बंद, खूंटी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम

सोमा मुंडा ह*त्याकांड के विरोध में आज झारखंड बंद, खूंटी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 17, 2026, 10:52:00 AM

आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा न्याय की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आज राज्यव्यापी एक दिवसीय झारखंड बंद का आह्वान किया है। बंद का सबसे अधिक प्रभाव खूंटी जिले में पड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।

बंद से पहले शुक्रवार देर शाम खूंटी शहर में मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बंद को सफल बनाने की अपील करते हुए पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस के दौरान यह चेतावनी भी दी गई कि यदि सोमा मुंडा हत्याकांड में शामिल लोगों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

झारखंड बंद को देखते हुए खूंटी जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रमुख इलाकों में कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार खूंटी सदर प्रखंड के हुटार, बिरहू, पिपराटोली, शिम्बुकेल, सेरेंगडीह, बस स्टैंड, ऊपर चौक, नीचे चौक, तमाड़ मोड़, बगडू चौक, कर्रा रोड, चुकरु मोड़ और चलांगी स्थित श्रद्ध कार्यक्रम स्थल पर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।

इसी तरह मुरहू प्रखंड में नील फैक्ट्री, कुंजला मोड़, डुडरी चौक, मुरहू बाजार, सोयको चौक और बिंदा चौक पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। कर्रा प्रखंड के कर्रा चौक, कसीरा, उडीकेल, कच्चाबारी, कर्रा रेलवे स्टेशन, रेलवे फाटक, गोविंदपुर, कैंची मोड़ और लोधमा में भी प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इसके अतिरिक्त तोरपा प्रखंड के तोरपा बाजार (कर्रा मोड़ के समीप), हिल चौक, तपकरा बाजार टांड, कमड़ा मोड़, कुमांग मोड़ और दियांकेल, रनिया प्रखंड के ब्लॉक चौक तथा अड़की प्रखंड के अड़की चौक, सिंदरी चौक और सेरेंगहातु चौक पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। जिला नियंत्रण कक्ष में भी तीन दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।

आदेश के अनुसार सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी शनिवार सुबह आठ बजे तक अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर जिम्मेदारी संभालेंगे। एसडीओ ने सभी अंचल अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही अग्निशमन विभाग को अलर्ट पर रहने और सिविल सर्जन को आवश्यक चिकित्सा टीमों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।