झारखंड विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को शुरू होते ही रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जिससे सदन का माहौल काफी गरम हो गया।
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने इस विषय पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों के दौरान ध्वनि उपकरणों पर पाबंदी लगा दी जाती है, जबकि अन्य समुदायों के पर्वों के समय ऐसी सख्ती दिखाई नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में दोहरा रवैया अपना रही है।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा के कई विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य भी अपनी बात रखने के लिए वेल में आ गए। कांग्रेस विधायक राजेश कश्यप भी वहां पहुंचे, जबकि विधायक प्रदीप यादव ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और उनका विरोध किया।
मामले को शांत कराने की कोशिश करते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि देर रात डीजे बजाने पर प्रतिबंध राज्य सरकार का फैसला नहीं है, बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लागू किया गया प्रावधान है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ऐसे नियम देशभर में लागू हैं और बिहार में भी इसी तरह का प्रतिबंध लागू किया गया है।
राधाकृष्ण किशोर ने यह भी कहा कि देश इस समय कई महत्वपूर्ण चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, खासकर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार वृद्धि का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत बताई।