रांची के तीन बड़े बस टर्मिनलों का होगा पूर्ण कायाकल्प, मुख्यमंत्री ने दिये आधुनिकीकरण के निर्देश

रांची के तीन बड़े बस टर्मिनलों का होगा पूर्ण कायाकल्प, मुख्यमंत्री ने दिये आधुनिकीकरण के निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 09, 2025, 10:56:00 AM

राजधानी रांची में शहरीकरण को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहर के प्रमुख बस टर्मिनलों के व्यापक आधुनिकीकरण और नवीनीकरण का निर्देश दिया है। इसी पहल के तहत आइटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल (खादगढ़ा) को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार के आदेश पर इन परियोजनाओं के लिए निविदाएँ जारी कर दी गई हैं। उन्होंने विभागीय प्रधान सचिव सुनील कुमार को जुडको के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और कार्य जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार पहले ही 48.72 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दे चुके हैं। इसमें आइटीआई बस स्टैंड के नवीनीकरण के लिए 24.77 करोड़ रुपये, सरकारी बस डिपो के पुनर्निर्माण के लिए 20.19 करोड़ रुपये और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल के उन्नयन के लिए 3.76 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि काम पूरा होने के बाद रांची के ये बस टर्मिनल देश के आदर्श मानकों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनकर सामने आएं।

आइटीआई बस स्टैंड को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

मौजूदा समय में सीमित सुविधाओं से संचालित हो रहा आइटीआई बस स्टैंड आधुनिक संरचना में तब्दील किया जाएगा। यह तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा, जिसमें 2330 वर्गमीटर भूतल और 880 वर्गमीटर प्रथम तल पर विस्तृत टर्मिनल भवन बनेगा। यात्रियों और बस परिचालन के लिए 13 बस वे और 35 बसों की स्टैंडबाय पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

भूतल पर वातानुकूलित प्रतीक्षालय, ड्राइवर कैंटीन, वाहन मेंटेनेंस शेड, कैफेटेरिया, परिवहन कार्यालय, ऑटो और ई-रिक्शा पार्किंग, शौचालय और गार्ड रूम जैसी सुविधाएँ होंगी। प्रथम तल पर रेस्टोरेंट, प्रशासनिक दफ्तर, टिकट काउंटर, चार डॉरमेट्री, लॉकरयुक्त गेस्ट रूम और हरियाली के लिए लैंडस्केपिंग की व्यवस्था की जाएगी। यहां प्रतिदिन लगभग 416 बसों का परिचालन होगा।

सरकारी बस डिपो का होगा पुनर्निर्माण

साल 1962–70 के दौरान बना सरकारी बस डिपो अब जर्जर स्थिति में है। इसे 20.19 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों के अनुसार पूरी तरह नए स्वरूप में पुनर्निर्मित किया जाएगा। पुराने भवन को तोड़कर नया टर्मिनल भवन तैयार किया जाएगा, जिसमें 1771 वर्गमीटर भूतल और 845 वर्गमीटर प्रथम तल पर सुविधाएँ विकसित होंगी।

यहाँ यात्रियों के लिए डॉरमेट्री, गेस्ट रूम, टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क, प्रतीक्षालय, फूड कियोस्क, शेडयुक्त बस वे, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, मेंटेनेंस जोन और ऑफिस की व्यवस्था की जाएगी। आठ बस वे से प्रतिदिन 512 बसों का संचालन संभव होगा।

खादगढ़ा स्थित बिरसा मुंडा बस टर्मिनल का उन्नयन

11.6 एकड़ में फैले इस बस टर्मिनल का ढांचा जस का तस रखते हुए इसे 3.76 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। यहां 31 बस वे, 89 बसों और 70 कारों की पार्किंग, स्मार्ट शेड, 50 बेड का डॉरमेट्री हॉल, गेस्टहाउस, रेस्टरूम, स्नानागार, बाउंड्री वॉल, हाईमास्ट लाइटिंग और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

साथ ही पुराने भवन की पेंटिंग, प्लास्टर, टाइल्स बदलाव, वाटर टैप रिप्लेसमेंट, फर्नीचर अद्यतन और सीसीटीवी स्थापना जैसे कार्य भी किए जाएंगे। परिसर के लैंडस्केपिंग और सौंदर्यीकरण से इसे और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा।