झारखंड की सियासी सरगर्मियां एक बार फिर तेज होने वाली हैं। राज्य विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से आरंभ होकर 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 17 कार्यदिवस तय किए गए हैं, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, सवाल-जवाब और विधायी कार्य देखने को मिलेंगे।
बजट सत्र के पहले दिन, यानी 18 फरवरी को राज्यपाल विधानसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शोक प्रस्ताव के तहत सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। यदि इस बीच कोई अध्यादेश जारी हुआ है, तो उसकी प्रमाणीकृत प्रति सदन के पटल पर रखी जाएगी।
19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा होगी। इसी क्रम में 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा।
अभिभाषण पर चर्चा के बाद सरकार अपना पक्ष रखेगी और मतदान कराया जाएगा।
21 और 22 फरवरी को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 फरवरी को अनुपूरक बजट पर विस्तार से बहस होगी, जिसके बाद मतदान और पारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
24 फरवरी को विधानसभा में बजट डे रहेगा। प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। यह दिन सत्र का सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
25 फरवरी को बजट पर सामान्य चर्चा होगी और सरकार उसका जवाब देगी।
26 और 27 फरवरी को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद होगा, जिसके बाद सरकार अपना उत्तर रखेगी।
28 फरवरी से 8 मार्च तक होली अवकाश रहेगा। इसके बाद 9 से 13 मार्च तक प्रश्नकाल के पश्चात बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा, सरकार का जवाब और मतदान होगा।
14 और 15 मार्च को फिर से अवकाश रहेगा।
16 और 17 मार्च को अनुदान मांगों पर अंतिम बहस और मतदान कराया जाएगा।
18 मार्च को राजकीय विधेयकों सहित अन्य शासकीय कार्य निपटाए जाएंगे।
सत्र के अंतिम दिन, 19 मार्च को प्रश्नकाल के बाद गैर-सरकारी संकल्पों पर सरकार अपना जवाब देगी और इसी के साथ बजट सत्र का औपचारिक समापन होगा।