झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)–2024 से जुड़े विषय चयन को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए सरकार को दो महत्वपूर्ण विषय; लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (LIS) और फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (PES) को शामिल करने पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि परीक्षा में स्पेनिश और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं को शामिल किया गया है, जबकि शिक्षा प्रणाली से सीधे जुड़े इन दोनों विषयों को स्थान नहीं मिला। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने समान अवसर के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि करीब दो दशकों के बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा में सभी विषयों के अभ्यर्थियों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी इंगित किया कि अन्य विषयों के उम्मीदवारों के पास NET और JET दोनों परीक्षाओं में शामिल होने का विकल्प होता है, जबकि LIS और PES के छात्र केवल NET तक सीमित रह जाते हैं, जो अवसरों में असंतुलन पैदा करता है। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे पर कानूनी प्रावधानों के अनुरूप विचार कर 12 सप्ताह के भीतर निर्णय ले। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस निर्देश का असर JET 2024 की मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा जारी रहेगी।