राजधानी के डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में गुरुवार को आयोजित होने वाले पासिंग आउट परेड कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रशिक्षु अधिकारियों एवं जवानों की परेड की सलामी लेंगे।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। परिसर की निगरानी अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की सहायता से की जा रही है। समारोह में प्रवेश करने वाले सभी लोगों की गहन जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सहित कई गणमान्य अतिथि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
समारोह के तहत छह नव-नियुक्त डीएसपी और 334 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी औपचारिक रूप से सेवा में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले परेड की अंतिम तैयारियों और अभ्यास को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को जवानों का फुल ड्रेस रिहर्सल कराया गया था।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र, एडीजी प्रिया दुबे, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी प्रभात कुमार, आईजी पंकज कंबोज, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी मनोज रतन चौथे और रांची एसएसपी राकेश रंजन सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
जानकारी के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में संपन्न हुआ था। प्रशिक्षुओं की अंतिम परीक्षा सितंबर माह में आयोजित की गई थी, जबकि परिणाम नवंबर में घोषित कर दिए गए थे। इसके बावजूद पासिंग आउट परेड का आयोजन अब तक नहीं हो पाया था, जिसका जवान लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
परेड में शामिल 334 जवान राज्य के विभिन्न इकाइयों और जिलों से जुड़े हैं। इनमें रांची, जमशेदपुर, धनबाद, रेलवे पुलिस, विशेष शाखा, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र तथा जैप की विभिन्न बटालियनों के कर्मी शामिल हैं। यह समारोह उनके प्रशिक्षण पूर्ण होने और औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।