JTDC में 10.40 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, फर्जी हस्ताक्षर से खुला खाता बना घोटाले का जरिया

JTDC में 10.40 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, फर्जी हस्ताक्षर से खुला खाता बना घोटाले का जरिया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 24, 2026, 10:49:00 AM

झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) से जुड़े 10 करोड़ 40 लाख रुपये के कथित गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच को तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में निगम के तत्कालीन कैशियर समेत बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।

जांच एजेंसी के अनुसार, निगम के नाम पर केनरा बैंक की हटिया शाखा में एक बैंक खाता खोला गया था, जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि खाते को खोलने के लिए उस समय के प्रबंध निदेशक के जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। इसी खाते के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गई और बाद में इसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।

इस मामले में तत्कालीन कैशियर गिरिजा प्रसाद सिंह के साथ-साथ हटिया शाखा के पूर्व बैंक प्रबंधक अमरजीत कुमार और आलोक कुमार को भी संदेह के दायरे में रखा गया है। जांच एजेंसियां इन सभी की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

यह मामला सबसे पहले धुर्वा थाना में दर्ज हुआ था, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। सीआईडी ने शुरुआती दौर में महत्वपूर्ण सुराग हासिल करते हुए कुछ रकम की बरामदगी भी की थी। हालांकि, समय बीतने के साथ इस जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिसके बाद अब ईडी ने मामले को अपने हाथ में लेकर वित्तीय लेनदेन की परतें खंगालनी शुरू कर दी हैं।

एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस फर्जी खाते के जरिए धन के प्रवाह का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही।