जमशेदपुर के मुसाबनी स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग सेंटर (CTC) में शुक्रवार देर रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सड़क हादसे में घायल जवानों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। इलाज में देरी से नाराज़ जवानों ने करीब एक घंटे तक परिसर के भीतर विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति पर काबू पाया गया और सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया।
ड्यूटी से लौटते वक्त हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CTC मुसाबनी में प्रशिक्षणरत जवानों को खरसावां में आयोजित एक कार्यक्रम में ड्यूटी के लिए भेजा गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जवान बस से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार रात लगभग 11 बजे पोटका थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार हाईवा ने जवानों से भरी बस को टक्कर मार दी। हादसे में बस सवार करीब 15 से 20 जवानों को हल्की चोटें आईं।
घायलों को देर से मिली मदद
दुर्घटना की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन काफी इंतजार के बाद CTC से एक बस मौके पर भेजी गई। उसी बस से सभी घायल जवानों को वापस CTC परिसर लाया गया। जवानों को उम्मीद थी कि वहां पहुंचते ही उनका उपचार शुरू होगा, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि इलाज सुबह कराया जाएगा।
नाराज़गी ने लिया उग्र रूप
इलाज टाले जाने से जवानों का आक्रोश भड़क उठा। रात करीब 12 बजे उन्होंने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और वरीय अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। जवानों का कहना था कि हादसे की जानकारी मिलने के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिकारी न तो दुर्घटनास्थल पर पहुंचा और न ही उनकी हालत जानने की कोशिश की गई। घंटों तक बिना इलाज के इंतजार करना पड़ा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
करीब एक घंटे तक चले विरोध और बढ़ते तनाव के बाद प्रशासन हरकत में आया। आनन-फानन में एक बस की व्यवस्था कर सभी घायल जवानों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया। इसके बाद जाकर CTC परिसर में हालात सामान्य हो सके।