दुमका में केंद्र सरकार पर जमकर बरसे CM हेमंत, कहा-झारखंड अब अपने हक के लिए चुप नहीं बैठेगा

दुमका में केंद्र सरकार पर जमकर बरसे CM हेमंत, कहा-झारखंड अब अपने हक के लिए चुप नहीं बैठेगा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 03, 2026, 4:15:00 PM

झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस दुमका के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य आयोजन के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए झारखंड के साथ हो रहे कथित भेदभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश को सबसे अधिक खनिज देने वाले राज्यों में झारखंड अग्रणी है, इसके बावजूद केंद्रीय बजट में राज्य की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 42 प्रतिशत योगदान अकेले झारखंड से होता है, लेकिन जब केंद्रीय बजट पेश किया जाता है, तब झारखंड का नाम तक नहीं लिया जाता। उन्होंने इसे राज्य और यहां की जनता के साथ सीधा अन्याय बताते हुए कहा कि झारखंडी अब इस रवैये को सहन करने वाले नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासी, मूलवासी और गरीबों को कमजोर समझने की भूल न की जाए, क्योंकि झारखंड के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना जानते हैं और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए हेमंत सोरेन ने वर्ष 2014 के उस चुनावी वादे का जिक्र किया, जिसमें हर नागरिक के खाते में 15-15 लाख रुपये देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी यह वादा अधूरा है, जिससे साफ है कि झारखंड की जनता को केवल सपने दिखाए गए।

मुख्यमंत्री ने भावुक लहजे में कहा कि यह पहला स्थापना दिवस है, जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन शारीरिक रूप से उनके बीच मौजूद नहीं हैं। गांधी मैदान में उत्सव और भारी भीड़ के बावजूद मन में एक खालीपन और उदासी है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का जल, जंगल और जमीन के लिए किया गया संघर्ष झारखंड के इतिहास का अमिट अध्याय है।

हेमंत सोरेन ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को जागरूक किया और इस संघर्ष में उन्हें जेल तक जाना पड़ा। उन्होंने उस दौर का भी उल्लेख किया, जब गुरुजी को उग्रवादी बताकर एनकाउंटर का आदेश जारी किया गया था, जिसे बाद में सच्चाई सामने आने पर वापस लेना पड़ा।

अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी गिरफ्तारी और जेल जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सामंती सोच वाली ताकतों ने उन्हें फंसाने की कोशिश की, लेकिन झारखंड की जनता मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि जेल में रहने के बावजूद उनकी पार्टी को चुनाव में भारी जनादेश मिला, जो जनता के भरोसे का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि झारखंड में कोई भी व्यक्ति भूख से न मरे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें बीडीओ, सीओ, आईएएस, जज और पत्रकार जैसे पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें, ताकि व्यवस्था के भीतर रहकर भी राज्य के हितों की रक्षा हो सके।

नगर निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में राजनीतिक माहौल को लेकर जनता में खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि विरोधी लगातार झारखंड को कमजोर समझते रहे हैं, लेकिन हर बार उनकी साजिशों को समय रहते नाकाम कर दिया गया। अब झारखंड के लोग राजनीतिक चालों और षड्यंत्रों को भली-भांति समझने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने ठंड के बावजूद गांधी मैदान में उमड़ी भारी भीड़ को झारखंड की एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवाओं को जोहार करते हुए दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने संकल्प लेने का आह्वान किया कि सभी लोग अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, लिखाएंगे और उन्हें सक्षम बनाएंगे, ताकि शिक्षा के माध्यम से राज्य, गांव और समाज का नाम रोशन हो सके। अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य के हर कोने से आए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।