झारखंड में DGP नियुक्ति मामला लटका, सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर जारी की नई गाइडलाइन

झारखंड में DGP नियुक्ति मामला लटका, सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर जारी की नई गाइडलाइन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 12, 2026, 5:54:00 PM

झारखंड में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हालांकि, राज्य से जुड़े इस मामले पर फिलहाल सुनवाई नहीं हो सकी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दाखिल याचिका पर आज बहस होनी थी, लेकिन अदालत में समय की कमी के कारण इसे सूचीबद्ध होने के बावजूद सुना नहीं जा सका। सुनवाई के लिए अगली तारीख भी अभी निर्धारित नहीं की गई है।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी चयन प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा निर्देश जारी किया है, जो भविष्य में सभी राज्यों की चयन व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने कहा है कि यूपीएससी (UPSC) द्वारा गठित चयन समिति में राज्य के मुख्य सचिव के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव स्तर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

अनुराग गुप्ता की नियुक्ति के बाद बढ़ा विवाद

झारखंड में अनुराग गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किए जाने के बाद बाबूलाल मरांडी ने इस निर्णय को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने इस संबंध में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।

पहली याचिका अवमानना से जुड़ी थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार मामले में तय दिशा-निर्देशों के विपरीत है। इस याचिका में मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया था।

दूसरी याचिका में झारखंड सरकार द्वारा लागू की गई नई डीजीपी नियुक्ति नियमावली की वैधता पर सवाल उठाया गया है। यही याचिका अब भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

हाईकोर्ट से ट्रांसफर होकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

इस नियमावली को चुनौती देने के लिए बाबूलाल मरांडी ने पहले झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे अपने पास मंगवा लिया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने औपचारिक रूप से मामला सुप्रीम कोर्ट को स्थानांतरित कर दिया।

आज इसी याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन अदालत की व्यस्तता के कारण बहस शुरू नहीं हो सकी।

प्रकाश सिंह केस से जुड़ी है पूरी प्रक्रिया

डीजीपी की नियुक्ति और चयन प्रणाली को लेकर देशभर में लागू दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार मामले से जुड़े हैं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ विभिन्न राज्यों से जुड़े इसी मुद्दे पर एक साथ सुनवाई कर रही है।

सुनवाई के दौरान तमिलनाडु समेत कुछ राज्यों ने अपनी चयन प्रक्रिया को लेकर पक्ष रखा। इसके बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि यूपीएससी की चयन समिति में राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करना अनिवार्य होना चाहिए।

झारखंड की नई नियमावली में क्या है व्यवस्था?

झारखंड सरकार ने जनवरी 2025 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद डीजीपी नियुक्ति के लिए नई नियमावली लागू की थी। इसके तहत डीजीपी चयन के लिए एक समिति गठित करने का प्रावधान किया गया है, जिसकी अध्यक्षता झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं।

इस समिति में मुख्य सचिव, यूपीएससी प्रतिनिधि, जेपीएससी प्रतिनिधि, गृह सचिव, एक सेवानिवृत्त डीजीपी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद यह अहम सवाल खड़ा हो गया है कि क्या झारखंड सरकार को अपनी नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा या फिर मौजूदा ढांचे को कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ढालना होगा।