चाईबासा सदर अस्पताल में HIV संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश

चाईबासा सदर अस्पताल में HIV संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 04, 2026, 3:40:00 PM

चाईबासा सदर अस्पताल में वर्ष 2025 के दौरान थैलेसीमिया से पीड़ित पांच नाबालिग बच्चों को कथित रूप से संक्रमित खून चढ़ाए जाने के बाद HIV संक्रमण होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को इस गंभीर प्रकरण की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की पीठ में हुई, जहां पीड़ित बच्चों के परिजनों की ओर से दाखिल रिट याचिका पर अदालत ने स्पष्ट कहा कि घटना से जुड़ी शिकायत पर अब और देरी नहीं होनी चाहिए। 

अदालत ने आदेश दिया है कि दर्ज की गई FIR की एक प्रति शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि FIR से संबंधित विवरण काउंटर एफिडेविट के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया जाए।

याचिका में मेडिकल लापरवाही और सिस्टम फेल होने का आरोप

यह याचिका हाईकोर्ट में अधिवक्ता मोहम्मद शादाब अंसारी के माध्यम से दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि अस्पताल के ब्लड बैंक में गंभीर स्तर की लापरवाही हुई और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह विफल रही, जिसके कारण मासूम बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया।

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर कराई जाए ताकि जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। 

याचिका में बताया गया कि पीड़ित बच्चे 5 से 7 वर्ष की उम्र के हैं और वे हाशिए पर रहने वाले समुदायों से आते हैं। HIV संक्रमित होने के बाद से बच्चे और उनके परिवार स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक बच्चे को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन याचिका में दलील दी गई कि यह राशि जीवनभर चलने वाले इलाज और देखभाल के लिए पर्याप्त नहीं है।

हाईकोर्ट ने इसे आपराधिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना है। अदालत ने संकेत दिया है कि अगली सुनवाई में कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग पर भी विचार किया जाएगा।