हाईकोर्ट में नहीं चला ग्रामीण विकास विभाग का 'शॉर्टकट'

हाईकोर्ट में नहीं चला ग्रामीण विकास विभाग का 'शॉर्टकट'

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 18, 2026, 3:57:00 PM

झारखंड हाईकोर्ट ने ग्रामीण विकास विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके पूर्व निर्देशों का पालन नहीं किया गया और जिस अधिकारी से जवाब मांगा गया था, उसकी जगह किसी अन्य अधिकारी की ओर से हलफनामा दाखिल कर दिया गया।

दरअसल, कोर्ट ने पहले ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद विभाग के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) की ओर से एफिडेविट प्रस्तुत किया गया। इस पर अदालत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उसके आदेश का अक्षरशः पालन होना चाहिए। हाईकोर्ट ने अब दोबारा विभागीय सचिव को स्वयं हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार यादव द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के तहत बनाए गए 12 पुल कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण ध्वस्त हो गए। याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलों के समर्थन में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है।

मामले की अगली सुनवाई में अदालत विभागीय सचिव से विस्तृत जवाब की अपेक्षा करेगी। यह मामला राज्य में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, जवाबदेही और सरकारी धन के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।