झारखंड में कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के करीबी माने जाने वाले आकाश राय उर्फ मोनू की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वकील ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे।
आकाश राय पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। उस पर तेतुलिया क्षेत्र में सात लोगों की निर्मम हत्या में संलिप्तता का आरोप है। इसके अलावा रांची के नामकुम इलाके में स्थित एक फ्लैट में कुख्यात अपराधियों को शरण देने का भी आरोप लगाया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आकाश राय लंबे समय तक अमन साहू गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है और उसे गैंग का अहम सहयोगी माना जाता रहा है। अधिकारियों का दावा है कि वह गिरोह की कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा और योजनाओं को अंजाम देने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। पुलिस रिकॉर्ड में भी उसका नाम कई संगीन मामलों में दर्ज बताया गया है।
इसके अतिरिक्त लातेहार जिले के तेतरिया कोल माइंस से जुड़े चर्चित मामले में भी आकाश राय आरोपी है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने अमन साहू और गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के साथ मिलकर कोयला क्षेत्र में गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया। उस पर रंगदारी वसूली करने और खनन कार्य में बाधा डालने के आरोप भी लगाए गए हैं। जांच के दौरान उस पर साजिश रचकर जानलेवा हमले की योजना बनाने की बात भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि आकाश राय पिछले करीब चार वर्षों से जेल में बंद है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा की जा रही है। अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सभी की नजरें अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।