झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में राज्य सरकार और इंडियन बैंक के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े कर्मियों के लिए तैयार की गई है, जिससे उन्हें वेतन खाते और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता हजारों स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सहायक साबित होगा। उन्होंने इस पहल को कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला बताया और कहा कि इससे उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करने में अधिक आत्मविश्वास मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में ऐसे कई अवसर आते हैं, जब व्यक्ति असहाय महसूस करता है, खासकर गंभीर बीमारियों के दौरान। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया ने एक ऐसी स्वास्थ्य आपदा का सामना किया, जिसने वैश्विक स्तर पर भारी नुकसान पहुंचाया। उस कठिन दौर में स्वास्थ्यकर्मियों ने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों को निभाया।
उन्होंने कहा कि राज्य में कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, जहां आम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य संकट एक बड़ी समस्या बन जाता है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे चुनौतीपूर्ण हालात में भी सेवाएं प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण के खतरे वाले क्षेत्रों में कार्य करते हैं, जिससे उनके लिए बीमा और वित्तीय सुरक्षा की आवश्यकता और बढ़ जाती है। इस समझौते के तहत मिलने वाली सुविधाएं उन्हें सुरक्षा का एहसास कराएंगी और वे बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने इंडियन बैंक के अधिकारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह साझेदारी आगे भी राज्य के विकास में योगदान देगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक की योजनाएं न केवल स्वास्थ्यकर्मियों बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।