गोवा के नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में लगी भीषण आग के मुख्य आरोपी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को भारत वापस लाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। थाईलैंड पुलिस ने 11 दिसंबर (गुरुवार) को फुकेट में दोनों भाइयों को पकड़ लिया था।
थाई पुलिस अब उन्हें बैंकॉक ले जा रही है, जहां सुवर्णभूमि एयरपोर्ट पर भारतीय एजेंसियां दोनों को अपनी हिरासत में लेंगी। इसके बाद उन्हें सुआन फू इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा। चूंकि उनका पासपोर्ट रद्द हो चुका है, इसलिए भारतीय दूतावास उन्हें इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करेगा।
थाईलैंड से गोवा की कोई सीधी उड़ान नहीं है, इसलिए लूथरा ब्रदर्स को बैंकॉक से दिल्ली और फिर वहां से गोवा ले जाया जाएगा। अनुमान है कि यह पूरी प्रक्रिया लगभग चार दिन में पूरी होगी और दोनों सोमवार तक दिल्ली पहुंच सकते हैं, जहाँ गोवा पुलिस तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लेगी।
इस बीच एक नया खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सौरभ और गौरव लूथरा केवल बर्च क्लब ही नहीं, बल्कि 42 अन्य कंपनियों से भी जुड़े हुए हैं। इनमें से कई कंपनियां सिर्फ कागजों पर मौजूद हैं। खास बात यह है कि ये सभी कंपनियां दिल्ली के एक ही पते—2590, ग्राउंड फ्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली—पर रजिस्टर्ड हैं।
फर्जी कंपनियों के डायरेक्टर या पार्टनर के रूप में दर्ज
कॉर्पोरेट दस्तावेज बताते हैं कि दोनों भाई कई संदिग्ध कंपनियों और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप्स (LLPs) में डायरेक्टर या पार्टनर के तौर पर दर्ज हैं। ऐसी शेल कंपनियों का इस्तेमाल अक्सर बेनामी लेन–देन या मनी लॉन्ड्रिंग में किया जाता है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को बर्च नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद दोनों भाई भारत से भागकर थाईलैंड चले गए थे। फुकेट में एक होटल के कमरे से उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।