गिरिडीह का उसरी जलप्रपात बनेगा इको-टूरिज्म हब, 10 करोड़ की पर्यटन परियोजना की शुरुआत

गिरिडीह का उसरी जलप्रपात बनेगा इको-टूरिज्म हब, 10 करोड़ की पर्यटन परियोजना की शुरुआत

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 13, 2025, 4:58:00 PM

गिरिडीह जिले के प्राकृतिक परिदृश्य को नई पहचान देने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। पूर्वी वन प्रमंडल क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध उसरी जलप्रपात को अब एक आधुनिक और सुव्यवस्थित इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव शनिवार को नगर विकास, पर्यटन एवं खेलकूद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने रखी। इस योजना पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

शिलान्यास के अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में उसरी जलप्रपात क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बड़ा पार्किंग परिसर, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, वॉच टावर, पिकनिक स्पॉट, आकर्षक प्रवेश द्वार, बैठने की बेहतर व्यवस्था, गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक रेस्टोरेंट शामिल हैं। साथ ही पूरे क्षेत्र में स्वच्छता, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से गिरिडीह पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष जून तक उसरी जलप्रपात का बदला हुआ स्वरूप लोगों के सामने होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की योजना है कि आने वाले पांच वर्षों में गिरिडीह जिले में पर्यटन से जुड़ी कई और योजनाएं चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएं, ताकि जिला झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सके।

इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव समेत पूर्वी वन प्रमंडल के सभी रेंजर, फॉरेस्टर और वनरक्षी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

शिलान्यास समारोह के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मोहानपुर, मझलाडीह, गादी, श्रीरामपुर और उदना बादवा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, सड़क संपर्क बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो गिरिडीह राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।