गैस रिसाव हो तो क्या करें? रांची में ऑफ-साइट मॉक ड्रिल से परखी गई तैयारियां

गैस रिसाव हो तो क्या करें? रांची में ऑफ-साइट मॉक ड्रिल से परखी गई तैयारियां

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 23, 2026, 2:35:00 PM

रांची में प्राकृतिक गैस आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता का परीक्षण करने के लिए मंगलवार को गेल इंडिया लिमिटेड (रांची सीजीडी) ने जिला प्रशासन के सहयोग से लेवल-3 ऑफ-साइट मॉक ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य गैस पाइपलाइन से जुड़े आपातकालीन हालात में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंधन की तैयारियों का मूल्यांकन करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान ऐसी परिस्थितियों का अभ्यास किया गया, जिनमें गैस नेटवर्क से जुड़े हादसे हो सकते हैं। इसमें सिलेंडर विस्फोट और हाइड्रो टेस्ट विफल होने जैसी काल्पनिक घटनाओं को आधार बनाकर बचाव एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन किया गया, ताकि वास्तविक संकट की स्थिति में संबंधित एजेंसियां प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें।

रांची में गेल का सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में यह नेटवर्क 25 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं, 28 सीएनजी स्टेशनों, करीब 200 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 16 औद्योगिक इकाइयों तक प्राकृतिक गैस पहुंचा रहा है। इसके लिए शहर में लगभग 850 किलोमीटर लंबी एमडीपीई पाइपलाइन बिछाई गई है।

इस संयुक्त अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने भी पूरे अभ्यास को देखा और आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।

गेल इंडिया लिमिटेड, रांची सीजीडी के डीजीएम (जीए) एवं इंचार्ज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि सिटी गैस नेटवर्क एक संवेदनशील बुनियादी ढांचा है। ऐसे में गैस रिसाव या अन्य किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों और आम नागरिकों का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन की पहचान के लिए हर 50 मीटर की दूरी पर रूट मार्कर लगाए गए हैं, जिनसे हाई-प्रेशर गैस लाइन की मौजूदगी का संकेत मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पाइपलाइन वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले निर्धारित हेल्पलाइन पर सूचना अवश्य दें।

फायर एंड सेफ्टी विभाग के सीनियर मैनेजर सौरव आनंद ने कहा कि शहर में गैस नेटवर्क के लगातार विस्तार को देखते हुए जन-जागरूकता और सुरक्षा नियमों का पालन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि यदि कहीं गैस रिसाव की आशंका हो तो लोग तुरंत गेल के कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 1800123121111 पर सूचना दें। उन्होंने यह भी बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए रांची में चौबीसों घंटे दो फायर बाइक और एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन तैनात रखा गया है, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

रांची से अमरजीत सिंह की रिपोर्ट