बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को विकास भवन स्थित गन्ना उद्योग विभाग के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभाग ने गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के साथ सहयोग समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने की।
इस अवसर पर मंत्री ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित 'गन्ना नर्सरी योजना' पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही, उन क्षेत्रों में जहां चीनी मिलें संचालित नहीं हैं, वहां डिजिटल गन्ना सर्वेक्षण अभियान की भी शुरुआत की गई।
अपने संबोधन में मंत्री संजय कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान पांच नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों का गन्ना खेती से रुझान कम हुआ था, लेकिन विभाग उन्हें दोबारा इस फसल की ओर आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आईआईटी पटना और गन्ना प्रजनन संस्थान के साथ हुए इस सहयोग का उद्देश्य गन्ना उत्पादन में आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और वैज्ञानिक अनुसंधान का उपयोग बढ़ाना है। इसके माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के बीज, कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर कृषि तकनीक उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के नेतृत्व में बिहार को चीनी उत्पादन के क्षेत्र में उसकी ऐतिहासिक पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गन्ना उद्योग विभाग राज्य के कृषि एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि नई चीनी मिलों की स्थापना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों के भीतर राज्य के सभी जिलों में चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, गन्ना खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों और एआई आधारित तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने दोनों संस्थानों के साथ हुए समझौते के संभावित लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में आईआईटी पटना के निदेशक डॉ. टी.एन. सिंह, गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर के निदेशक डॉ. पी. गोबिंद राज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अंत में संयुक्त ईख आयुक्त वेदव्रत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।