झारखंड में चार सहायक अभियंताओं को बड़ी राहत, विभागीय परीक्षा से मिली स्थायी छूट

झारखंड में चार सहायक अभियंताओं को बड़ी राहत, विभागीय परीक्षा से मिली स्थायी छूट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 25, 2026, 11:41:00 AM

झारखंड सरकार ने पथ निर्माण विभाग से जुड़े चार सहायक अभियंताओं को महत्वपूर्ण राहत देते हुए उन्हें विभागीय और पेशेवर परीक्षाओं की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब इन अधिकारियों के करियर में लंबे समय से आ रही प्रक्रियात्मक बाधाएं समाप्त हो जाएंगी, जिससे पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी लाभों का रास्ता साफ हो गया है।

यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि पुराने प्रशासनिक प्रावधानों और संबंधित अधिकारियों की सेवा अवधि व वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, यह छूट बिहार सरकार के समय लागू नियमों के आधार पर प्रदान की गई है। विशेष रूप से कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार के 15 मई 1992 के पत्र में उल्लेखित प्रावधानों के तहत ऐसे कर्मियों को, जिन्होंने एक निश्चित सेवा अवधि या आयु सीमा पार कर ली हो, विशेष परिस्थितियों में परीक्षा से छूट दी जा सकती है।

सरकार के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है। इसके परिणामस्वरूप, संबंधित अभियंताओं को अब परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता से मुक्त होकर अपनी सेवा शर्तों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

इस फैसले का लाभ राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात चार अधिकारियों को मिला है। इनमें लोहरदगा-2 में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य अवर प्रमंडल में कार्यरत अखिलेश प्रसाद सिंह, दुमका के कार्य प्रमंडल में पदस्थ राज कुमार मंडल, पाकुड़ में एनआरईपी के अंतर्गत कार्यरत चंद्रशेखर सिंह, तथा चक्रधरपुर के पथ अवर प्रमंडल में तैनात उमेश्वर राम शामिल हैं।

सरकार के इस कदम को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे लंबे समय से लंबित सेवा लाभों का मार्ग प्रशस्त होगा और अनुभवी अधिकारियों को राहत मिलेगी।