उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाने के कारण हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को सबसे अधिक परेशानी देखने को मिली। यहां कुल 118 उड़ानें रद्द की गईं और 16 विमानों का मार्ग बदलना पड़ा। रद्द उड़ानों में 60 आगमन और 58 प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि केवल वे विमान प्रभावित हुए जो कैट-3 (Category-III) लैंडिंग सिस्टम से लैस नहीं थे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी उड़ान में देरी होती है तो यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उड़ान रद्द होने पर वैकल्पिक उड़ान या पूरा रिफंड देना एयरलाइंस की जिम्मेदारी है। इसके अलावा, समय पर चेक-इन कर चुके यात्रियों को बोर्डिंग से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और उनकी शिकायतों का तत्काल समाधान करना जरूरी है।
एयर इंडिया ने ‘फॉगकेयर’ पहल शुरू की है, जिसके तहत प्रभावित यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर विशेष सहायता टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि यात्रियों को हर संभव मदद मिल सके।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय जरूर निकालें।