झारखंड विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,58,560 करोड़ का वार्षिक बजट रखा गया, जो पिछले साल के अनुमानित आकार से करीब 9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इसे राज्य के सर्वांगीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार देने वाला दस्तावेज बताया है।
वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के लोगों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई विकास रूपरेखा है। उनका दावा था कि बढ़े हुए प्रावधान से बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सरकार का जोर उन क्षेत्रों पर है जो सीधे आम जनता के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं। बजट में जनहितकारी कार्यक्रमों को मजबूत करने और नीतिगत पहलों को आगे बढ़ाने की मंशा दिखाई गई है। बढ़े हुए आवंटन को आने वाले समय में विकास परियोजनाओं के लिए ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।