उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले में दो एजेंटों को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश, 20 जून को होगी अगली सुनवाई

उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले में दो एजेंटों को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश, 20 जून को होगी अगली सुनवाई

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 17, 2026, 12:41:00 PM

उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में नामजद दो आरोपियों मोनू कुमार और सोनू शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों आरोपियों को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने फिलहाल उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मोनू कुमार और सोनू शर्मा कथित तौर पर उस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जिस पर भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक कराने और सॉल्वर गैंग संचालित करने का आरोप है। इस मामले में बड़ी संख्या में गिरफ्तार अभ्यर्थियों को पहले ही राहत मिल चुकी है। अब तक 160 से अधिक अभ्यर्थियों को जमानत दी जा चुकी है, जबकि गिरोह से जुड़े छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

यह मामला अप्रैल महीने में सामने आया था, जब पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की थी। 11 अप्रैल की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अधनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर परीक्षा से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान भवन के बाहर कई वाहन खड़े मिले और पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 166 लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद की जांच और कार्रवाई में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्न और उनके उत्तर याद कराने का काम कर रहे थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस नेटवर्क के कथित सरगनाओं में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम भी शामिल हैं।

पूरे मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब भी इस कथित पेपर लीक नेटवर्क की गतिविधियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।