रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के आवासीय क्षेत्र में खाली पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जे तेजी से फैलते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये मूल्य की इन जमीनों पर अनधिकृत निर्माण हो रहे हैं, जबकि कंपनी प्रबंधन इन्हें रोकने में प्रभावी कदम उठाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। सीमित संसाधनों और स्पष्ट रणनीति की कमी के कारण जमीन की निगरानी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया कमजोर पड़ गई है।
इसी बीच रांची नगर निगम ने कुछ इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाना शुरू किया है। हाल ही में पुराना विधानसभा भवन के सामने मुख्य सड़क के दोनों ओर बने कई अवैध ढांचों को निगम की टीम ने हटाया। इसके अलावा बाईपास सड़क के किनारे HEC की जमीन पर बनाए गए कुछ निर्माणों को भी प्रशासनिक बल की मौजूदगी में तोड़ दिया गया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है और जरूरत पड़ने पर अन्य क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा।
HEC के पास सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था होने के बावजूद जमीन की निगरानी और अतिक्रमण रोकने की कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है। कंपनी की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर बताई जा रही है कि आवासीय परिसर में निरीक्षण के लिए चलने वाली गाड़ियों के लिए ईंधन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई करना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है।
प्रबंधन की इस कमजोरी का फायदा उठाकर कई लोग और डेवलपर कंपनी की जमीन पर बिना अनुमति निर्माण कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर अवैध निर्माण के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त तक की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसको लेकर रांची नगर निगम ने परिसर में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कुछ व्यक्ति और संस्थाएं बिना अनुमति निर्माण कार्य कर रही हैं, जो सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जा) अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय अपराध है।
नगर निगम और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण या कब्जे की गतिविधियां जारी रहने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इस पूरे मामले ने HEC की संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि लगातार बढ़ते अतिक्रमण से कंपनी की बहुमूल्य जमीन खतरे में पड़ती नजर आ रही है।