'एक छात्र–एक पौधा' अभियान से गूंजा रांची, 200 से ज्यादा पौधों के साथ हरियाली का संकल्प

'एक छात्र–एक पौधा' अभियान से गूंजा रांची, 200 से ज्यादा पौधों के साथ हरियाली का संकल्प

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 18, 2026, 5:24:00 PM

रांची: पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) ने अपने 50 लाख पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को आर्यभट्ट पब्लिक स्कूल, महुआ टोली (खेलगांव के सामने) में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अभियान में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पासवा के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और परिसर में 200 से अधिक पौधे लगाए। विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार भट्ट के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना भी था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया, ताकि आने वाले समय में ये पौधे हरियाली और स्वच्छ वातावरण का आधार बन सकें। इस अवसर पर पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि वृक्ष लगाना भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य निवेश है। उन्होंने बताया कि पासवा ने पूरे झारखंड में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है और इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए निजी विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए, तो हरित झारखंड और स्वच्छ भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

पासवा के प्रवक्ता मेहुल दूबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बच्चों से ही होती है। ऐसे अभियान विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, अनुशासन और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि पासवा का प्रयास है कि राज्य का प्रत्येक निजी विद्यालय इस हरित अभियान से जुड़े और पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार भट्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों को विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय को गर्व है कि उसके विद्यार्थियों ने पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर ली है। भविष्य में भी इस तरह के पर्यावरण संरक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने सिर्फ पौधे नहीं लगाए, बल्कि उनकी देखभाल का भी संकल्प लिया है। उनका उद्देश्य विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र को अधिक से अधिक हराभरा बनाना है, ताकि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। पासवा का मानना है कि शिक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से ही हरित झारखंड के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।