झारखंड हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने कथित रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो को जमानत प्रदान कर दी है। मालतो पर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से संबंधित परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितता और कमीशन लेने के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सह-अभियुक्त सहायक अभियंता चिरंजीवी दांगी को पहले से मिली जमानत को ध्यान में रखते हुए यह राहत दी।
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने सुनवाई के बाद मालतो की जमानत याचिका स्वीकार की। गिरफ्तारी के समय राहुल मालतो हजारीबाग और बरही दोनों प्रमंडलों में जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
मामले की शुरुआत अप्रैल में हुई कार्रवाई से जुड़ी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 9 अप्रैल को हजारीबाग में छापेमारी कर राहुल मालतो और सहायक अभियंता चिरंजीवी दांगी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का दावा था कि दोनों अधिकारियों को 1.72 लाख रुपये की अवैध राशि के साथ पकड़ा गया।
एसीबी के अनुसार, डीएमएफटी योजनाओं और किरी जलाशय परियोजना से जुड़े कार्यों के बिलों के भुगतान तथा संशोधित अनुबंधों की स्वीकृति के बदले कमीशन मांगे जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर निगरानी रखकर कार्रवाई की गई, जिसके बाद दोनों अधिकारियों को हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, अदालत से जमानत मिलने के बाद राहुल मालतो को कानूनी राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।