एक बार फिर झारखंड-बिहार में सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बने 'कैप्टेन कूल'

एक बार फिर झारखंड-बिहार में सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बने 'कैप्टेन कूल'

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 08, 2026, 11:36:00 AM

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर झारखंड और बिहार क्षेत्र में सबसे अधिक व्यक्तिगत आयकर चुकाने वाले व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बरकरार रखी है। आयकर विभाग ने गोपनीयता संबंधी नियमों का हवाला देते हुए टैक्स की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की, लेकिन यह पुष्टि की कि रांची के रहने वाले धोनी इस क्षेत्र के शीर्ष व्यक्तिगत करदाता हैं।

धोनी कई वर्षों से लगातार इस सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी कमाई के कई स्रोत सक्रिय हैं। इंडियन प्रीमियर लीग, ब्रांड एंडोर्समेंट, व्यवसायिक निवेश और विभिन्न कारोबारी गतिविधियों से उन्हें बड़ी आय होती है, जिसके चलते वे देश के प्रमुख हाई-प्रोफाइल टैक्सपेयर्स में गिने जाते हैं।

फिलहाल धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ आईपीएल का हिस्सा हैं। हालांकि, मौजूदा सीजन में चोट के कारण वे मैदान पर नजर नहीं आए हैं। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और व्यावसायिक प्रभाव में कोई कमी नहीं आई है।

धोनी से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी अक्सर चर्चा में रहता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया था कि इंडिया-ए टीम के दौर में दोनों साथ रहे थे। उस समय धोनी का सपना केवल इतना था कि वे 30 लाख रुपये कमाकर रांची में आरामदायक जीवन बिता सकें। आज वही धोनी भारतीय खेल जगत के सबसे सफल और सबसे अधिक कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।

क्रिकेट उपलब्धियों की बात करें तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम भारतीय इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में लिया जाता है। उनकी अगुवाई में भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। इसके बाद 2011 में टीम इंडिया ने वनडे विश्व कप पर कब्जा किया और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी ही ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी की तीनों प्रमुख ट्रॉफियां जीतीं।

आईपीएल में भी उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच बार आईपीएल खिताब जीता, जबकि टीम ने दो बार चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफी भी हासिल की।

धोनी ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और 2019 विश्व कप के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। उनके नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम पहली बार दुनिया की नंबर-1 टीम बनी, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।