धनबाद : झारखंड हाईकोर्ट का सख्त संदेश, ‘प्रशासनिक कारणों’ पर हुए 54 पुलिसकर्मियों के तबादले रद्द

धनबाद : झारखंड हाईकोर्ट का सख्त संदेश, ‘प्रशासनिक कारणों’ पर हुए 54 पुलिसकर्मियों के तबादले रद्द

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 28, 2026, 10:51:00 AM

झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में ‘प्रशासनिक आधार’ पर किए जा रहे तबादलों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने धनबाद जिला बल से स्थानांतरित किए गए 54 पुलिसकर्मियों के मामले में हस्तक्षेप करते हुए उनके पक्ष में निर्णय दिया और संबंधित आदेश को अवैध ठहराया।

यह मामला तब सामने आया था जब धनबाद के तत्कालीन एसएसपी और उस समय के डीजीपी ने ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का विभिन्न जिलों में स्थानांतरण कर दिया था। प्रभावित कर्मियों का कहना था कि इस प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। विभागीय स्तर पर राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने नए स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन बाद में न्याय पाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया।

न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने W.P (S) No. 1781 of 2025 पर सुनवाई करते हुए पाया कि तबादलों के दौरान आवश्यक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना उचित कारण और नियमों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाए किए गए स्थानांतरण स्वीकार्य नहीं हैं। इसी आधार पर पुलिस मुख्यालय द्वारा 24 फरवरी 2025 को जारी आदेश (ज्ञापांक 238/पी0) को निरस्त कर दिया गया। साथ ही, राज्य पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिया गया कि सभी 54 कर्मियों की पुनः धनबाद में तैनाती सुनिश्चित की जाए।

इस फैसले पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने संतोष जताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने इसे न्याय की जीत करार देते हुए कहा कि लंबे समय से ‘प्रशासनिक कारणों’ की आड़ में नियमों की अनदेखी कर तबादले किए जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में निर्णय निष्पक्ष मानकों के बजाय व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर आधारित होते हैं, जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है और उनके पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।