भाजपा के सम्मान समारोह से धनबाद-हजारीबाग के विजेता दूर, बागी नेताओं की गैरमौजूदगी पर सियासत तेज

भाजपा के सम्मान समारोह से धनबाद-हजारीबाग के विजेता दूर, बागी नेताओं की गैरमौजूदगी पर सियासत तेज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 09, 2026, 9:57:00 AM

झारखंड बीजेपी ने रविवार को एक बैंक्वेट हॉल में नगर निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित और विचार परिवार से जुड़े विजयी उम्मीदवारों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। हालांकि इस समारोह में धनबाद और हजारीबाग से चुने गए बीजेपी समर्थित पार्षदों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।

खास बात यह रही कि धनबाद से मेयर बने संजीव सिंह और हजारीबाग से विजयी अरविंद राणा भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं ने नगर निकाय चुनाव में पार्टी के आधिकारिक समर्थन के बिना बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

कार्यक्रम में रांची नगर निगम के करीब एक दर्जन पार्षद मौजूद रहे। वहीं चिरकुंडा नगर परिषद से बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने वाली सुनीता देवी समारोह में शामिल हुईं। जानकारी के मुताबिक पार्टी की ओर से बागी प्रत्याशियों को भी इस सम्मान समारोह में आमंत्रित किया गया था।

इस मौके पर रांची नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो, मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर और आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार सहित चार नगर परिषद अध्यक्ष, छह नगर पंचायत अध्यक्ष और कुल 387 पार्षदों को सम्मानित किया गया।

धनबाद के मेयर संजीव सिंह और हजारीबाग के अरविंद राणा की गैरमौजूदगी को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। संजीव सिंह पहले बीजेपी विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी रागिनी सिंह झरिया से बीजेपी की विधायक हैं। नगर निकाय चुनाव में पार्टी का समर्थन नहीं मिलने के बाद संजीव सिंह ने बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरकर बड़ी जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में बीजेपी समर्थित प्रत्याशी संजीव अग्रवाल चौथे स्थान पर रहे थे।

संजीव सिंह की जीत के बाद धनबाद से बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने उनके घर पहुंचकर उन्हें जीत की बधाई भी दी थी।

समारोह को संबोधित करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि नगर निकाय चुनाव कराने के लिए भाजपा ने लगातार आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निकायों में अफसरशाही हावी थी, लेकिन अब जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के हाथ में जिम्मेदारी आई है और उनसे उम्मीद है कि वे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।