डीजीपी एक्सटेंशन बना सियासी मुद्दा, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

डीजीपी एक्सटेंशन बना सियासी मुद्दा, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 31, 2025, 2:33:00 PM

झारखंड में पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा को सेवा विस्तार दिए जाने के सरकारी फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। लंबे समय से यह कयास लगाए जा रहे थे कि मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य को नया डीजीपी मिलेगा, लेकिन सरकार ने ऐन वक्त पर उन्हें एक्सटेंशन देने का ऐलान कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को व्यंग्यात्मक “बधाई” देते हुए कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि मौजूदा सरकार के लिए नियम, कानून, संविधान और न्यायपालिका का महत्व गौण हो गया है।

मरांडी ने अपने बयान में कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि कभी “जंगल राज” चलाने वालों की सूची तैयार की गई, तो उसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम सबसे ऊपर दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लगातार नियमों की अनदेखी कर रही है और अगर यही रवैया जारी रहा, तो भविष्य में किसी राजनीतिक व्यक्ति को भी डीजीपी बना दिया जाए, इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए यहां तक कहा कि सरकार चाहें तो सुप्रियो भट्टाचार्य को भी डीजीपी नियुक्त कर सकती है, क्योंकि उसने पहले ही यह साबित कर दिया है कि उसे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की कोई परवाह नहीं है।

अपने बयान के दौरान बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को चेतावनी भरे शब्दों में यह भी कहा कि भले ही सरकार कानून और संविधान की अनदेखी करे, लेकिन ईश्वर से डरना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की लाठी भले ही दिखाई न दे, लेकिन उसका असर गहरा होता है और ईश्वर सब कुछ देख रहा है।

बयान के अंत में मरांडी ने कहा कि फिलहाल इतना कहना पर्याप्त है और नए साल में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि डीजीपी तदाशा मिश्रा के रिटायरमेंट को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, ऐसे में उन्हें सेवा विस्तार देने का फैसला न केवल चौंकाने वाला रहा, बल्कि विपक्ष के लिए सरकार पर हमला बोलने का एक नया राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है।