विधानसभा में गूंजा देवघर जल संकट का मुद्दा, पुनासी योजना की रफ्तार पर उठे सवाल

विधानसभा में गूंजा देवघर जल संकट का मुद्दा, पुनासी योजना की रफ्तार पर उठे सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 25, 2026, 12:27:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन देवघर शहर में गहराते जल संकट को लेकर सदन में गंभीर चर्चा हुई। विधायक सुरेश पासवान ने सरकार का ध्यान इस ओर दिलाते हुए कहा कि शहर के लोगों को नियमित और समय पर पानी उपलब्ध कराना अब भी चुनौती बना हुआ है।

उन्होंने विशेष रूप से 79 जलाशयों से जुड़ी पुनासी जलापूर्ति परियोजना की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। पासवान ने कहा कि योजना की गति वर्तमान हालात में बेहद सुस्त है और यदि यही स्थिति रही तो इसका लाभ लोगों तक पहुँचने में कई वर्ष लग सकते हैं।

2026 की समयसीमा पर सवाल

सदन में विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि परियोजना को वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि समयसीमा पूरी होने में अब लगभग दस महीने ही शेष हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर काम की रफ्तार लक्ष्य के अनुरूप नहीं दिख रही है।

धार्मिक नगरी के लिए पानी सबसे बड़ी जरूरत

सुरेश पासवान ने देवघर की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसी स्थिति में पेयजल की कमी न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी गंभीर समस्या बन रही है।

वन विभाग की अनुमति बना अड़चन

सरकार की ओर से जवाब देते हुए आश्वासन दिया गया कि पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी प्रक्रिया को तेज करने के लिए वन विभाग के साथ उच्च स्तरीय बैठक जल्द की जाएगी, ताकि लंबित अनुमति प्राप्त कर काम में तेजी लाई जा सके।

मंत्री का भरोसा, लापरवाही पर कार्रवाई

विभागीय मंत्री ने सदन में कहा कि परियोजना को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्टेज-1 क्लीयरेंस के लिए डीएफओ के साथ बैठक हो चुकी है और औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अनुमति मिलते ही कार्य की गति बढ़ाई जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी किसी स्तर पर ढिलाई या देरी पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।