झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है। पुलिस मुख्यालय ने संशोधित आदेश जारी करते हुए उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए चार एस्कॉर्ट वाहनों की व्यवस्था बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पहले से उपलब्ध तीन सरकारी वाहन भी अगले आदेश तक उनके काफिले का हिस्सा बने रहेंगे।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि वित्त मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में वर्तमान में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यह निर्णय पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर लिया गया है, जिससे सुरक्षा काफिले की मौजूदा संरचना यथावत रहेगी।
नए आदेश के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि उनका विधानसभा क्षेत्र उग्रवाद और आपराधिक गतिविधियों की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों के प्रभावी संचालन के लिए चार वाहनों की आवश्यकता थी। उनका कहना था कि यदि वाहनों की संख्या कम होती, तो सभी जवानों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंधन प्रभावित हो सकता था।
नए आदेश के लागू होने के बाद वित्त मंत्री के सुरक्षा काफिले को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। अब उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह चार एस्कॉर्ट वाहनों के साथ जारी रहेगी।