झारखंड विधानसभा में दिल्ली गेस्ट हाउस और जल-आवास योजनाओं को लेकर पक्ष-विपक्ष में बहस

झारखंड विधानसभा में दिल्ली गेस्ट हाउस और जल-आवास योजनाओं को लेकर पक्ष-विपक्ष में बहस

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 10, 2025, 12:43:00 PM

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन दिल्ली स्थित झारखंड भवन और ऊर्जा विभाग के गेस्ट हाउस में ठहरने के नियमों को लेकर सवाल उठे। साथ ही सदन में जल नल योजना और अबुआ आवास योजना के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दिल्ली के झारखंड भवन में ठहरने के नियमों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल निगरानी सचिवालय का निर्णय कि झारखंड भवन में केवल विधायकों के सगे संबंधी ही ठहर सकते हैं, उचित नहीं है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

बाबूलाल ने आरोप लगाया कि डॉ. रामेश्वर उरांव ने आलोक दूबे और लाल किशोर नाथ शाहदेव को ठहरने के लिए अपने संबंधी बताकर अनुशंसा की थी। उन्होंने स्पीकर से पिछले पांच वर्षों का रजिस्टर मंगाने की मांग की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि झारखंड भवन में कौन-कौन ठहरा है।

दिल्ली ऊर्जा विभाग गेस्ट हाउस पर 5 लाख रुपये माहवारी खर्च

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि दिल्ली स्थित ऊर्जा विभाग के गेस्ट हाउस के लिए हर महीने पांच लाख रुपये किराया दिया जाता है। यहां आठ स्टाफ और चार-पांच वाहन भी तैनात हैं। बाबूलाल ने यह जानना चाहा कि अब तक किसी विधायक ने वहां ठहरने का उपयोग किया है या नहीं।

उन्होंने यह भी मांग की कि गेस्ट हाउस का रजिस्टर और इसमें ठहरने वालों की सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि गेस्ट हाउस किसके अधीन संचालित होता है, इसका इंचार्ज कौन है, आवास आवंटन कैसे होता है और यहां किस प्रकार का काम होता है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह मामला गंभीर है और सरकार इस पर ध्यान दे रही है। नेता प्रतिपक्ष के उठाए गए सवाल और मांगों की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह का निर्णय बिना कैबिनेट की मंजूरी के नहीं लिया जा सकता।