निर्माण उद्योग के दिग्गज रामकृपाल सिंह का निधन, 87 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

निर्माण उद्योग के दिग्गज रामकृपाल सिंह का निधन, 87 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 29, 2025, 3:16:00 PM

झारखंड और बिहार के निर्माण क्षेत्र में अहम पहचान रखने वाले रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन के चेयरमैन रामकृपाल सिंह का रविवार, 29 दिसंबर की सुबह निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे और बीते करीब दो सप्ताह से अस्वस्थ चल रहे थे। पटना के पारस अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

रामकृपाल सिंह बिहार के बेगुसराय जिले के रामदिरी गांव के मूल निवासी थे। कार्यक्षेत्र के चलते उनका रांची के चेशायर होम रोड स्थित आवास पर भी नियमित प्रवास रहता था। उनके निधन की खबर मिलते ही झारखंड और बिहार के कंस्ट्रक्शन सेक्टर के साथ-साथ सामाजिक और व्यावसायिक जगत में गहरा शोक व्याप्त हो गया।

वे अपने पीछे दो पुत्र, सुधीर कुमार और रंजन कुमार, एक पुत्री, दो पोते और दो पोतियां छोड़ गए हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे उनके पैतृक गांव रामदिरी (बेगुसराय) में किया जाएगा।

रामकृपाल सिंह ने वर्ष 1973 में एक छोटे प्रोप्राइटरशिप उद्यम के रूप में निर्माण व्यवसाय की नींव रखी थी। सतत परिश्रम, अनुशासन और दीर्घकालिक सोच के बल पर उन्होंने इस व्यवसाय को मजबूत संस्थान में तब्दील किया। वर्ष 2003 में कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड का दर्जा मिला। आज रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन एक प्रतिष्ठित ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) कंपनी के रूप में जानी जाती है, जो सड़क, रेलवे, खनन और भवन निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को अंजाम देती है।

कंपनी द्वारा झारखंड में निर्मित कई परियोजनाएं राज्य की पहचान बन चुकी हैं। इनमें रांची का झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, झारखंड हाई कोर्ट, विधानसभा भवन, समाहरणालय भवन और अनेक प्रमुख सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जारी देश की शीर्ष 10 कंस्ट्रक्शन कंपनियों की सूची में भी रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन को स्थान मिला था। इसके अलावा, झारखंड बिल्डर्स एसोसिएशन ने कंपनी को ‘कॉन्ट्रैक्टर ऑफ द ईयर’ जैसे सम्मान से भी नवाजा था।

रामकृपाल सिंह का निधन न केवल एक सफल उद्यमी का जाना है, बल्कि निर्माण उद्योग के लिए एक युग के अंत के रूप में भी देखा जा रहा है।