झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर निराधार आरोपों के जरिए राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की जांच से घबराने वाली नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों तक से जांच कराई जा सकती है, लेकिन भाजपा का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है, न कि सच्चाई सामने लाना। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने ने कहा कि पार्टी एक संगठित समूह की तरह काम कर रही है, जिसका मकसद विकास कार्यों में रुकावट डालना है। उनके अनुसार, विपक्ष की रणनीति राज्य में चल रही योजनाओं को प्रभावित करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को धीमा करने की है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति “रोकने और भटकाने” की मानसिकता पर आधारित है, जिससे राज्य के विकास को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने ने यह भी कहा कि जनता इस तरह की राजनीति को समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है और किसी भी प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भाजपा पर केवल आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद झारखंड में सियासी तापमान बढ़ गया है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।