झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का अतीत स्वयं संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा रहा है, वे आज नैतिकता की बात कर रहे हैं, जो बेहद विडंबनापूर्ण है।
दूबे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ निराधार आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, राज्य में कार्यरत जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं और सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
उन्होंने भाजपा को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां कानून का दुरुपयोग हुआ और लोगों को बिना ठोस आधार के लंबे समय तक हिरासत में रखा गया। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मामला उन्होंने इसी संदर्भ में उठाया, जिन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि झारखंड में कानून का राज है और किसी भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाता, चाहे उसका प्रभाव कितना ही बड़ा क्यों न हो। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा बिना तथ्यों के आरोप लगाना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
दूबे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता जानबूझकर राजनीतिक माहौल को खराब करने और जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम कर रही है और किसी भी जांच में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं उठता।
विनय कुमार चौबे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनकी छवि एक ईमानदार अधिकारी की रही है और यदि उनके खिलाफ कोई शिकायत सामने आई है तो उन्होंने कानून का सम्मान करते हुए प्रक्रिया का पालन किया है।
अंत में दूबे ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने कार्यकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।