दावोस में कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे CM हेमन्त, झारखण्ड में निवेश का देंगे न्यौता

दावोस में कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे CM हेमन्त, झारखण्ड में निवेश का देंगे न्यौता

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 18, 2026, 8:56:00 PM

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए दावोस पहुंच रहा है। इस वैश्विक मंच पर राज्य का उद्देश्य स्पष्ट है ’खुद को केवल संसाधन-समृद्ध क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि स्थिरता, ऊर्जा संक्रमण, समावेशी विकास और आधुनिक औद्योगिक सोच को अपनाने वाले भविष्य-तैयार राज्य के रूप में प्रस्तुत करना।’

फोरम के दौरान झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों, संवाद सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं में शामिल होगा। इन संवादों के जरिए राज्य वैश्विक आर्थिक बहस में अपनी भूमिका और प्राथमिकताओं को मजबूती से रखेगा।

‘प्रकृति के साथ संतुलन’ को विकास की धुरी

झारखण्ड इस वैश्विक बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” की सोच के साथ उतर रहा है। यह दृष्टिकोण आर्थिक प्रगति को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और दीर्घकालिक स्थिरता से जोड़ता है। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके झारखण्ड के लिए यह अवसर खुद को एक ऐसे मॉडल राज्य के रूप में पेश करने का है, जहां बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियां विकास की दिशा तय कर रही हैं।

दुनिया की बड़ी कंपनियों से निवेश संवाद

दावोस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप और एवरस्टोन ग्रुप जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व से प्रस्तावित है। इसके अलावा स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत होगी।

इन बैठकों में हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, टिकाऊ उद्योग, डिजिटल तकनीक, आधुनिक बुनियादी ढांचे और जलवायु-अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा केंद्र में रहेगी।

मुख्यमंत्री ऊर्जा संक्रमण, क्षेत्रीय नेतृत्व, स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और महत्वपूर्ण खनिजों में भारत की भूमिका से जुड़े मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह रेखांकित करेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु प्रबंधन में राज्य सरकारों की भूमिका वैश्विक समाधान निकालने में कितनी निर्णायक है।

20 जनवरी को खुलेगा झारखण्ड पेवेलियन

झारखण्ड की भागीदारी का एक अहम पड़ाव 20 जनवरी को होने वाला झारखण्ड पवेलियन का उद्घाटन है। यह पवेलियन राज्य की निवेश क्षमता, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास रणनीति को प्रस्तुत करने का समर्पित मंच बनेगा। इसके जरिए झारखण्ड अपनी पारंपरिक खनन पहचान से आगे बढ़ते हुए हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार सृजन की दिशा में अपनी यात्रा को दुनिया के सामने रखेगा।

लोग, प्रकृति और स्थिरता—झारखण्ड का विकास सूत्र

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि विकास का आधार लोगों की भागीदारी, प्रकृति की रक्षा और स्थिरता होना चाहिए। इसी सोच के तहत राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, स्थानीय समुदायों की साझेदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है।

दावोस में झारखण्ड की मौजूदगी के दौरान वैश्विक और भारतीय मीडिया से संवाद के जरिए यह संदेश भी दिया जाएगा कि आर्थिक प्रगति के साथ जिम्मेदारी अनिवार्य है।

विजन 2050 की दिशा में बढ़ते झारखण्ड के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यह भागीदारी एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है—जो 25 वर्षीय युवा राज्य को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर स्थापित करते हुए सतत, समावेशी और भविष्य-केंद्रित विकास के नए अध्याय की शुरुआत करती है।