झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने मामले में वांछित सात आरोपियों को पकड़ने के लिए रांची समेत राज्य के कई जिलों में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई CID थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत चल रही जांच का हिस्सा है।
सीआईडी के मुताबिक, जांच में सामने आए सात लोगों की गिरफ्तारी फिलहाल बाकी है। एजेंसी की टीम ने आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच एजेंसी इन सभी संदिग्धों की भूमिका को लेकर आगे की पड़ताल कर रही है।
सीआईडी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वांछित आरोपियों में रांची के नामकुम निवासी आदित्य पांडेय और टाटीसिलवे के हरिनगर निवासी पवन कुमार सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा पलामू के टाउन थाना क्षेत्र के बारालोटा निवासी रविशंकर कुमार और हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-3 निवासी सानन्द प्रकाश, हजारीबाग के कोर्रा निवासी लालू कुमार यादव तथा गिरिडीह के बेंगाबाद क्षेत्र के हथघर निवासी सौरभ कुमार पांडेय की भी तलाश की जा रही है।
सीआईडी का कहना है कि इन सभी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जांच में अब परीक्षा के दौरान इस्तेमाल की गई OMR कार्बन कॉपियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सीआईडी ने अनुसंधान के दौरान बरामद OMR कार्बन कॉपियों का मिलान और उनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि OMR शीट के मिलान और स्क्रूटनी से परीक्षा में कथित गड़बड़ी की प्रकृति के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में किसी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं, इसे लेकर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
सातों वांछित आरोपियों के अलग-अलग जिलों में रहने के कारण सीआईडी की जांच का दायरा भी बढ़ गया है। रांची के अलावा पलामू, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह में भी जांच टीम सक्रिय है। छापेमारी के साथ एजेंसी उन संभावित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी तलाश कर रही है, जो कथित परीक्षा अनियमितता की पूरी कड़ी को जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
सीआईडी के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी फिलहाल आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य जुटाने, OMR कार्बन कॉपियों की जांच और वांछित आरोपियों तक पहुंचने पर जोर दे रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में OMR कॉपियों की स्क्रूटनी और सात वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में अहम कड़ी मानी जा रही है।