बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, झारखंड पुलिस के साहस को कांग्रेस नेताओं ने सराहा

बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, झारखंड पुलिस के साहस को कांग्रेस नेताओं ने सराहा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 19, 2026, 6:57:00 PM

झारखंड में सक्रिय बाल तस्करी गिरोह के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनशीलता को मजबूती दी है। पुलिस ने न केवल तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया, बल्कि अंश–अंशिका के बाद कन्हैया कुमार सहित एक दर्जन से ज्यादा लापता बच्चों को सकुशल उनके परिजनों से मिलाने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से कई परिवारों को राहत मिली है और पुलिस पर आम जनता का विश्वास और गहरा हुआ है।

इस उल्लेखनीय सफलता के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे और मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा तथा वरीय आरक्षी अधीक्षक राकेश रंजन से भेंट कर उन्हें और पूरी टीम को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी और संगठित गिरोह के भंडाफोड़ ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड पुलिस अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के प्रति भी पूरी तरह सजग है।

भेंट के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ कठोर कदम आगे भी जारी रहेंगे। वहीं, वरीय आरक्षी अधीक्षक राकेश रंजन ने जनता की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लोगों का सहयोग पुलिस की इस सफलता में अहम रहा है।

कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने इस उपलब्धि को किसी राजनीतिक दबाव या आंदोलन से जोड़ने को अनुचित बताया। उनका कहना था कि यह सफलता पूरी तरह झारखंड पुलिस की निरंतर, पेशेवर और संवेदनशील कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की सकुशल वापसी जैसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक श्रेय लेने की बजाय पुलिस का मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भी इसी स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा राजनीति का विषय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रश्न है। झारखंड पुलिस ने अपने कर्तव्यनिष्ठ रवैये से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे अपराधों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई करने में सक्षम और प्रतिबद्ध है।

इस बीच, बच्चों की बरामदगी को राजनीतिक दबाव या आंदोलन का नतीजा बताने वाले बयानों पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। आलोक कुमार दूबे और लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू द्वारा इस सफलता को आंदोलन से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे उन पुलिस अधिकारियों और जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचती है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर बच्चों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया।

इस प्रतिनिधिमंडल में समाजसेवी प्रमोद यादव, महानगर काली पूजा समिति के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, अजीत कुमार, कांग्रेस नेता मेंहुल दूबे, मो. अजहर, दिक्षा कुमारी और नितिक गुप्ता भी शामिल थे।