रांची: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Murasu) उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भले ही इस चक्रवात का मुख्य केंद्र और लैंडफॉल तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में हो रहा है, लेकिन इसका सीधा और व्यापक असर झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र के अनुसार, 5 नवंबर तक राज्य भर में मौसम बदला-बदला सा रहेगा।
नाम का अर्थ और उत्पत्ति
'मुरासु' नाम भारत की ओर से सुझाया गया है। तमिल भाषा में 'मुरासु' का अर्थ होता है "मुनादी करने वाला ढोल या नगाड़ा"। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रणाली के प्रभाव से समुद्र तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के वातावरण में नमी काफी बढ़ गई है।
किन जिलों में दिखेगा
सर्वाधिक असर?
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चक्रवात का प्रभाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किया जाएगा:
मध्य व दक्षिणी झारखंड (हाई अलर्ट/मध्यम असर):
रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के साथ-साथ कोल्हान और संताल परगना प्रमंडल के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे।
उत्तर-पश्चिमी जिले (कम असर):
पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में इस तूफान का असर काफी कम रहेगा, हालांकि यहां भी आंशिक रूप से बादल देखने को मिल सकते हैं।
बारिश थमते ही कड़ाके की ठंड और कोहरे की दस्तक
मौसम केंद्र के अनुसार, 5 नवंबर के बाद से बारिश का दौर थमेगा और आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। इसके ठीक बाद राज्य में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ेगा:
6 नवंबर से गिरेगा पारा: तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है।
बढ़ेगी कनकनी: आसमान साफ होते ही सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के साथ कनकनी बढ़ेगी।
कोहरे का असर:
आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा (Fog) देखने को मिल सकता है, जिससे हेमंत और शीत ऋतु का असर गहराने लगेगा।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह: मौसम विभाग ने बोकारो, रांची व कोल्हान क्षेत्र के निवासियों को आकाशीय बिजली से सावधान रहने और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया है।
रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट