HEC की जमीन पर कब्जा और लीज उल्लंघन पर केंद्र की कड़ी नजर, विस्तृत रिपोर्ट तलब

HEC की जमीन पर कब्जा और लीज उल्लंघन पर केंद्र की कड़ी नजर, विस्तृत रिपोर्ट तलब

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 28, 2026, 10:17:00 AM

रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) की जमीन और आवासीय परिसरों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने एचईसी प्रबंधन से इस मुद्दे पर विस्तृत और अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि आगे की कार्रवाई के लिए स्पष्ट रणनीति बनाई जा सके।

सरकार ने निर्देश दिया है कि रिपोर्ट में केवल आंतरिक जांच के निष्कर्ष ही नहीं, बल्कि सैटेलाइट सर्वेक्षण के आधार पर तैयार आंकड़े भी शामिल किए जाएं। केंद्र यह जानना चाहता है कि कंपनी की कुल कितनी भूमि पर अवैध कब्जा है, कितने आवासीय क्वार्टरों में अनधिकृत लोग रह रहे हैं और लीज शर्तों का उल्लंघन कितने मामलों में हुआ है। इसके साथ ही अब तक उठाए गए कदमों का भी पूरा ब्यौरा मांगा गया है; जैसे नोटिस जारी करना, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाएं।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एचईसी की लगभग 1500 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा होने की बात सामने आई है। वहीं करीब 800 आवासीय क्वार्टरों पर अनधिकृत रूप से लोग रह रहे हैं, जबकि लगभग 2000 क्वार्टरों में लीज की शर्तों के उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार एचईसी की संपत्तियों की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और आवासीय परिसरों के बेहतर उपयोग को लेकर नई नीति तैयार कर सकती है।

इसी बीच, एचईसी प्रबंधन अपनी खाली जमीन को आर्थिक संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। कंपनी ने खाली पड़ी जमीन को बेचने या लीज पर देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। मंजूरी मिलने पर पहले चरण में लगभग 1000 एकड़ भूमि के उपयोग की योजना बनाई गई है।

इस संदर्भ में रांची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के साथ भी बातचीत चल रही है, जिसने एचईसी से 500 एकड़ जमीन की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो एचईसी को इस सौदे से करीब 5500 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं। इस राशि से कर्मचारियों के लंबित भुगतान और कंपनी के आधुनिकीकरण कार्यों को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।