केंद्र सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं में धन के वितरण को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए एसएनए स्पर्श प्रणाली लागू की है। इसी क्रम में केंद्र की सिफारिश पर झारखंड सरकार ने भी इस व्यवस्था को राज्य में अपनाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
नई प्रणाली के तहत राज्य नोडल एजेंसियों (State Nodal Agency – SNA) द्वारा भेजी गई भुगतान फाइलों के आधार पर लाभार्थियों को सीधे राशि जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का पैसा बिना किसी मध्यवर्ती देरी के सीधे सही व्यक्ति तक पहुंचे।
एसएनए स्पर्श व्यवस्था में जस्ट-इन-टाइम फंड फ्लो की अवधारणा अपनाई गई है। इसके अंतर्गत केंद्र और राज्य, दोनों का हिस्सा सीधे लाभार्थी को दिया जाएगा। इससे अलग-अलग स्तरों पर धन रोकने या विलंब की समस्या कम होगी।
इस प्रणाली में आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के साथ-साथ खाता आधारित डीबीटी का भी प्रावधान रखा गया है। यानी लाभार्थी के आधार से जुड़े या बैंक खाते में सीधे राशि स्थानांतरित की जा सकेगी। खास बात यह है कि केंद्र का अंश पहले ही राज्यों को उपलब्ध करा दिया जाएगा, ताकि भुगतान में किसी तरह की अड़चन न आए।
एसएनए स्पर्श लागू होने से झारखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। सीधे खाते में भुगतान से बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
साथ ही, डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली के कारण धन के वितरण की प्रक्रिया अधिक कुशल बनेगी, जिससे लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सकेगी और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन तक पहुंचेगा।
कुल मिलाकर, एसएनए स्पर्श को केंद्र और राज्य सरकारों की साझा पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो कल्याणकारी योजनाओं को अधिक भरोसेमंद और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।