बोकारो में बुलडोजर एक्शन, कुख्यात अपराधी विनोद का अवैध ऑफिस ध्वस्त

बोकारो में बुलडोजर एक्शन, कुख्यात अपराधी विनोद का अवैध ऑफिस ध्वस्त

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 10, 2026, 4:33:00 PM

बोकारो के सेक्टर-6/B थाना क्षेत्र में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराधी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के कथित अवैध कार्यालय को बुलडोजर से गिरा दिया। यह ध्वस्तीकरण अभियान बीएसएल (बोकारो स्टील लिमिटेड) प्रशासन और टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के संयुक्त सहयोग से चलाया गया।

इस पूरे मामले की शुरुआत अमृता सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। अमृता सिंह ने आरोप लगाया था कि सेक्टर-8A में विनोद कुमार ने उनके पति जयंत कुमार को धमकाया, अपहरण की योजना बनाई और जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

इसी मामले में हरला थाना पुलिस ने 14 दिसंबर को विनोद कुमार को ओडिशा से गिरफ्तार किया था। बाद में 15 जनवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

घटना के बाद बोकारो की कई सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। जगह-जगह सड़क जाम किए गए, प्रदर्शन हुए और दो दिनों तक भूख हड़ताल भी चली। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि सेक्टर-6 में बने उस कार्यालय को तोड़ा जाए, जहां से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों का संचालन किया जाता था।

कोर्ट के आदेश के बाद गिराया गया निर्माण

मंगलवार को प्रशासन ने अदालत से आदेश प्राप्त होने के बाद पीपी एक्ट 1971 के तहत इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी ए.के. सिंह ने बताया कि कार्यालय को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई की गई।

बोकारो सिटी के डीएसपी आलोक रंजन ने जानकारी दी कि विनोद कुमार के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-6 में बना यह कार्यालय अवैध रूप से संचालित था और इसे अपराधियों के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही थी। बीएसएल द्वारा जारी इविक्शन ऑर्डर के तहत यह कार्रवाई की गई।

ध्वस्तीकरण के दौरान विनोद कुमार के कुछ समर्थकों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरी कर ली।

जेल में बंद आरोपी, चुनाव में भी उतर चुका है

गौरतलब है कि विनोद कुमार फिलहाल जेल में बंद है। इसके बावजूद उसने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। इस कार्रवाई के बाद इलाके में यह संकेत गया है कि प्रशासन अब अवैध निर्माण और अपराध से जुड़े ठिकानों पर सख्त रवैया अपनाने के मूड में है।