BREAKING: सुप्रीम कोर्ट से विनय चौबे को बड़ी राहत, हजारीबाग भूमि घोटाले में मिली बेल

BREAKING: सुप्रीम कोर्ट से विनय चौबे को बड़ी राहत, हजारीबाग भूमि घोटाले में मिली बेल

हजारीबाग के चर्चित वन भूमि घोटाले से जुड़े मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

यह मामला हजारीबाग जिले में कथित तौर पर वन विभाग की भूमि की अवैध जमाबंदी से जुड़ा है। इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे, उनके करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह सहित कुल 73 लोगों को आरोपी बनाया है।

जांच के अनुसार, विनय चौबे पर आरोप है कि हजारीबाग के उपायुक्त के रूप में कार्यकाल के दौरान उन्होंने वन भूमि के पांच प्लॉटों की नियमों के विपरीत जमाबंदी कराई। संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में गैरमजरूआ खास जंगल-झाड़ी के रूप में दर्ज थी, जिस पर वन संरक्षण कानून के तहत विशेष प्रतिबंध लागू हैं।

आरोप है कि बिना केंद्र सरकार की आवश्यक अनुमति के इस भूमि के स्वामित्व और उपयोग में बदलाव की प्रक्रिया अपनाई गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि अधिकारियों और खरीदारों के बीच मिलीभगत कर नियमों का उल्लंघन करते हुए जमीन के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया।

इस मामले का खुलासा वर्ष 2013 में हुआ था। जांच के बाद सभी विवादित जमाबंदियों को उसी वर्ष निरस्त कर दिया गया था, जिसे बाद में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी उचित माना। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने 25 सितंबर 2025 को अभियोजन की स्वीकृति प्राप्त की और हजारीबाग थाना में कांड संख्या 11/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।