बेटियों की सेहत, बच्चों की पढ़ाई... झारखंड सरकार ने एक साथ लिए दो बड़े फैसले

बेटियों की सेहत, बच्चों की पढ़ाई... झारखंड सरकार ने एक साथ लिए दो बड़े फैसले

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 26, 2026, 10:23:00 AM

झारखंड सरकार ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण और राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित योजना प्राधिकार समिति की बैठक में छात्राओं के लिए नि:शुल्क सैनिटरी पैड वितरण योजना तथा 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन दोनों परियोजनाओं पर सरकार कुल 845 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें लगभग 124 करोड़ रुपये छात्राओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 721 करोड़ रुपये नए उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण और विकास के लिए निर्धारित किए गए हैं।

सरकारी योजना के तहत नवंबर से कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को प्रत्येक माह 10 नि:शुल्क सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का लाभ राज्य के करीब 13 हजार सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को मिलेगा। विभाग के अनुमान के अनुसार, औसत उपस्थिति के आधार पर लगभग 8.50 लाख छात्राएं इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगी।

यह प्रस्ताव पहले भी योजना प्राधिकार समिति के समक्ष रखा गया था, लेकिन कुछ आवश्यक संशोधनों के लिए इसे वापस भेज दिया गया था। विभाग द्वारा आवश्यक बदलाव किए जाने के बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत किया गया, जिसे अब अंतिम मंजूरी मिल गई है।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से राज्य में 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें 59 विद्यालय प्रखंड स्तर पर और 41 विद्यालय पंचायत स्तर पर खोले जाएंगे। सभी नए विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध हो सके।

इन उत्कृष्ट विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। परिसर में आईसीटी लैब, लैंग्वेज लैब, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं तथा पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने पर मल्टीपरपज हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। आधारभूत संरचना और भवन निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।

सरकार का मानना है कि इन दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन से छात्राओं के मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को बेहतर समर्थन मिलेगा। साथ ही, आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए विद्यालयों के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।